कुसमायोजन (Maladjustment)
आज की दुनियाँ में यह देखने को मिलता है कि कोई व्यक्ति अपने सामंजस्य पूर्ण व्यवहार से अधिकाँश लोगों के साथ तालमेल बैठा लेता है और कोई नहीं। जब कोई भी व्यक्ति समाज की अपेक्षाओं, विविध परिस्थितियोँ और वातावरण के साथ ताल मेल नहीं बैठा पाता तो उसे कुसमायोजित व्यक्ति कहा जाता है और इस व्यवहार को कुसमायोजन कहा जाता है। कुसमायोजन की स्थिति में सन्तुलन बिगड़ जाता है आवश्यकतानुसार व्यवहार दिखाई नहीं पड़ता।
कुसमायोजन (Maladjustment) से आशय –
कुसमायोजन (Maladjustment) एक तरह की व्यवहारिक व मानसिक स्थिति है, जिसमें प्रभावित मानव अपने वातावरण, परिस्थितियों व स्वयं के साथ प्रभावी ढंग से सामन्जस्य बैठाने में असफल रहता है। इसके सामान्यतः तनाव, अवसाद, चिन्ता, अत्याधिक क्रोध, सामाजिक अलगाव, अल्प आत्मविश्वास व हीन भावना का मानव व्यक्तित्व में प्रभाव बढ़ जाता है।
कुसमायोजन की परिभाषायें–
क्रो एवं क्रो महोदय ने इस सम्बन्ध में कहा –
“कुसमायोजन (Maladjustment) तब होता है जब व्यक्ति की आवश्यकताओं और उसकी संतुष्टि से संबंधित परिस्थितियों के बीच कोई संबंध नहीं रह जाता है।”
आंग्ल अनुवाद
“Maladjustment occurs when there is a disconnect between the individual’s needs and the circumstances that satisfy them.” -Crow and Crow
Dictionary.com के अनुसार –
“कुसमायोजन अपने परिवेश की मांगों पर सफलतापूर्वक और संतोषजनक ढंग से प्रतिक्रिया करने में असमर्थता है”।
आंग्ल अनुवाद –“Maladjustment is the inability to respond successfully and satisfactorily to the demands of one’s environment”.
मनोवैज्ञानिक शब्दकोश (Psychological Dictionary) के अनुसार:
“कुसमायोजन एक ऐसी स्थिति है जिसमें व्यक्ति वातावरण या जीवन की माँगों के साथ तालमेल बिठाने में विफल रहता है।”
“Maladjustment is a condition in which a person fails to cope with the demands of the environment or life.”
विविध मनोवैज्ञानिकों का विचार है कि –
कुसमायोजन एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें व्यक्ति अपने व्यवहार को सामाजिक या व्यक्तिगत परिस्थितियों के अनुसार समायोजित नहीं कर पाता है।
उक्त विवेचन के आधार पर इस व्यावहारिक परिभाषा को स्वीकार किया जा सकता है –
यह वह स्थिति है जिसमें व्यक्ति की आवश्यकताओं और वातावरण के बीच सामंजस्य नहीं बन पाता, और वह अजीब या संघर्षपूर्ण व्यवहार करने लगता है।
कुसमायोजन के कारण/Causes of maladjustment –
मानव के कुसमायोजित होने के पीछे बहुत से कारण हैं उनमें से प्रमुख कारणों को इस प्रकार क्रम दिया जा सकता है।
01 – पारिवारिक वातावरण।Family environment.
02 – शारीरिक कारण।/Physical reasons.
03 – मानसिक कारण। /Mental reasons.
04 – सामाजिक कारण।/ Social reasons
05 – आर्थिक कारण ।/ .Economic reasons
06 – निराशाजन्य अनुभव।/Depressing experiences.
07 – व्यक्तिगत कारण/ Personal reasons.
08 – क्षेत्र विशेष के कारण / Reasons specific to the area
09 – शैक्षणिक कारण / Educational reasons
कुसमायोजन का निदान व उपचार (Diagnosis & Remedies of Maladjustment) / Diagnosis and treatment of maladjustment –
कुसमायोजित व्यक्ति को स्वस्थ जीवन में वापस लाने के लिए निम्नलिखित उपाय किए जा सकते हैं:
01 – सम्यक प्रेरणा व निर्देशन /Proper motivation and guidance
02 – प्रेमपूर्ण और सहानुभूतिपूर्ण व्यवहार / Loving and compassionate behavior
03 – सकारात्मक वातावरण / Positive environment
04 – परामर्श (Counseling)
05 – स्वस्थ वातावरण / Healthy environment
06 – रुचि के अनुसार कार्य / Work according to interests
07 – मानसिक चिकित्सा / Psychiatric therapy
08 – शारीरिक चिकित्सा / Physical therapy
09 – सामंजस्य शक्ति विकास कार्यक्रम / Cohesion development program
10 – सामाजिक कौशल विकास / Social skills development

