शिक्षा में दृश्य कला

कलाकार अपने संवेगों, भावों, अनुभूतियों, कल्पनाओं आदि के प्रदर्शन के लिए विविध प्रकार की कलाओं को माध्यम बनाता है इन विविध कलाओं में दृश्य कला, कला कृतियों का वह स्वरुप है जिसका भाव मुख्यतः दृश्य  होता है वे दृश्य इन्द्रियों द्वारा पहचानी जाती हैं तथा दृश्य भाव और सौन्दर्य का प्रकाशन करती हैं।

Definition of visual arts / दृश्य कला की परिभाषा

कल्पनाशीलता व चिन्तन के घटक जब वातावरण की विविध शक्तियों से द्वन्द कर अपना प्रगटन कलाकार के माध्यम से इस प्रकार करते हैं कि अन्य चक्षुओं के आनन्द का कारण बनते हैं। तब कला का यह स्वरुप दृश्य कला के नाम से जाना जाता है। विकिपीडिआ के अनुसार –

“दृश्य कला, कला का वह रुप है जो मुख्यतः दृश्य प्रकृति की होती है जैसे -रेखा चित्र, चित्र कला, मूर्ति कला,…….. “

“Visual art is that form of art which is mainly of visual nature such as drawing, painting, sculpture,……”

स्टडी.कॉम के अनुसार –

“दृश्य कला से तात्पर्य उन कला रूपों से है जो दृश्य माध्यमों से अपना संदेश, अर्थ और भावना व्यक्त करते हैं।”

“Visual arts refers to those art forms that express their message, meaning and emotion through visual means.”

दृश्य कला की परिभाषा को शर्मा व सक्सैना (आर लाल बुक डिपो)  ने इन शब्दों में बांधने का प्रयास किया है –

“Visual arts are the such arts in which the articles made by an artist create their effect visually, it means they create visual experience of beauty and express feelings visually.”

“दृश्य कलाएँ ऐसी कलाएँ हैं जिनमें किसी कलाकार द्वारा बनाई गई वस्तुएँ दृश्य रूप से अपना प्रभाव पैदा करती हैं, इसका अर्थ है कि वे सौंदर्य का दृश्य अनुभव पैदा करती हैं और भावनाओं को दृश्य रूप से व्यक्त करती हैं।”

उक्त विविध परिभाषाओं के आधार पर कहा जा सकता है कि दृश्य कला उस कला को कहा जाता है जिसमें कलाकार की कृतियाँ दृश्य प्रभाव का प्रादुर्भाव करती हैं यह दृश्य कलाएं वह दृश्य सामग्री प्रस्तुत करती हैं जो नेत्रों को को आनन्द प्रदान करे। इन नयनाभिराम दृश्यों के उदाहरण यत्र तत्र सर्वत्र दीख पड़ते हैं जैसे भव्य महल, आकर्षक मूर्तियां, आकर्षक आभूषण, सुन्दर वस्तुयें ,कला कृतियों, भित्ति चित्रों,किलों,परकोटों, गुम्बदों आदि के रूप में ।ये दृश्य कलाएं मुख्यतः 5 भागों में बांटी जा सकती हैं।

1 – चित्र कला

2 – मूर्ति कला

3 – वास्तु कला

4 – नृत्य कला

5 – दृश्य श्रव्य कला

Importance of visual arts in Education

शिक्षा में दृश्य कला का महत्व

शिक्षा में दृश्य कला के महत्त्व को निम्न बिन्दुओं द्वारा इंगित किया जा सकता है। –

1 – प्रभावी अधिगम 

2 – प्रेरणा व्यावहारिकता

3 – समन्वय कौशल विकास

4 – व्यक्तित्व का समग्र विकास

5 – कल्पना शक्ति रचनात्मक शक्ति वृद्धि

6 – सशक्त अभिव्यक्ति

7 – पैकेजिंग

8 – रोजगार प्राप्ति

9 – आत्म विश्वास वृद्धि

10 – मनोवैज्ञानिक दृढ़ता

11 – निर्णयन क्षमता

12 – ध्यान संकेन्द्रण तार्किक क्षमता विकास

इन विविध महत्त्वों को दृष्टिगत रखते हुए कहा जा सकता है कि दृश्य कला की प्रभाव शीलता में निरन्तर वृद्धि हो रही है बी डिज़ाइनिंग, बी आर्क आदि का प्रभावी विकास इन दृश्य कलाओं को और नए आयाम देंगे। ऐसी ऐसी कलाओं का विकास हो रहा है जो मानव सभ्यता के विकास में निश्चित ही नए आयाम जोड़ेंगी।

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