शैक्षिक अनुसन्धान
मानव की उत्तरोत्तर प्रगति में शिक्षा का महत्त्वपूर्ण योग है समाज में उठने वाली किसी भी समस्या के समाधान हेतु शिक्षा की और देखा जाता है और शिक्षा अपने अनुसंधान पर निर्भर करती है। शैक्षिक अनुसन्धान वह साधन है जो विवेक पूर्ण,व्यवस्थित अध्ययन के माध्यम से समस्याओं का समाधान प्रस्तुत करता है।
आज प्रत्येक क्षेत्र में सम्यक व व्यवस्थित शोध का आधार लेकर प्रगति की आधार शिला रखी जाती है बजट बनाने, नीति निर्माण,भविष्य के संसाधन विकास हेतु और विविध योजनाओं को उसके अंजाम तक पहुंचाने हेतु शोध की आवश्यकता महसूस की जाती है। शैक्षिक शोध की समस्याओं के समाधान हेतु प्रयुक्त शोध शैक्षिक शोध कहा जाता है।
शैक्षिक शोध की परिभाषा / Definition of Educational Research –
विविध विद्वानों ने शैक्षिक शोध का अर्थ स्पष्ट करने हेतु अपने भावों को इस प्रकार गुम्फित किया है।
–जॉन डब्लू बेस्ट (John W Best) के अनुसार
“शैक्षिक अनुसंधान, शैक्षिक परिवेश में छात्र कैसे व्यवहार करते हैं ,के सिद्धान्तों के परीक्षण करने और विकास से सम्बन्धित है।”
“Educational research is concerned with the development and testing of theories of how students behave in an educational setting.”
प्रसिद्ध शिक्षा शास्त्री John W. Creswell (जॉन डब्ल्यू. क्रेसवेल) के अनुसार
“Educational research is a systematic and organized approach to asking questions, collecting and analyzing data, and effectively reporting findings to understand and improve educational practices and policies.”
“शैक्षिक अनुसंधान प्रश्न पूछने, डेटा एकत्र करने और उसका विश्लेषण करने, तथा शैक्षिक प्रथाओं और नीतियों को समझने और उनमें सुधार करने के लिए निष्कर्षों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने का एक व्यवस्थित और संगठित दृष्टिकोण है।”
आर डब्लू एम ट्रैवर्स (R.W.M.Travers) महोदय के अनुसार
“शैक्षिक अनुसंधान वह प्रक्रिया है, जो शैक्षिक परिस्थितियों में व्यवहार विज्ञान के विकास की ओर निर्देशित हैं। ”
“Educational research is that activity which is directed towards development of science behaviour in educational situations.”
An introduction to Educational Research .(1954) p 5
शैक्षिक अनुसन्धान का क्षेत्र / Field of academic research –
जादू शब्द जब संसार में प्रचलित हो रहा होगा तब तक निश्चित से दो वर्गों का अभ्युदय हो चुका होगा एक वह जो इससे प्रभाव में आ जाए एक वह जो ट्रिक का प्रयोग करके सामने वाले भ्रमित कर सके। वास्तव में जब तक आवरण है और सच्चाई परदे में है विश्व उत्थान बाधित ही रहेगा। सारी सच्चाई को सामने लाने के लिए और तमाम समस्याओं का निदान शोध के आधार पर ही सम्भव है। आज हर क्षेत्र में समस्याएं विद्यमान है शिक्षा जगत भी इससे अछूता नहीं है। शिक्षा क्षेत्र की समस्याओं के निदान में शैक्षिक शोध में अपार सम्भावनाएं छिपी हैं। शैक्षिक अनुसंधान के विविध क्षेत्रों को इस प्रकार वर्णित किया जा सकता है।
1 – शिक्षा दर्शन Educational Philosophy
2 – विविध स्तरीय परिक्षेत्र / Different Level Fields
3 – शिक्षा मनोविज्ञान / Educational Psychology
4 – मौलिकता विवेचन / Originality Discussion
5 – शिक्षा का इतिहास / History of Education
6 – शैक्षिक समाजशास्त्र / Educational Sociology
7 – तुलनात्मक शिक्षा / Comparative Education
8 – शैक्षिक प्रशासन / Educational Administration
9 – शैक्षिक मापन व मूल्यांकन /Educational Measurement and Evaluationशैक्षिक शोध का क्षेत्र कोई भी हो शोध अपना कार्य पूर्ण करता ही है शोध वह दिशाबोध है जो हमें सकारात्मक दिशा प्रदान करता है और हम समस्या के निदान तक पहुंचते हैं।
शैक्षिक शोध की आवश्यकता क्यों ?
Why is educational research needed? –
आज का शैक्षिक शोध कहीं भ्रमित हो गया है। शोध को सही दिशा देने के लिए जो शोध निर्देशक कार्य करा रहे हैं उनमें से कुछ भटक कर स्वार्थी हो गए हैं लेकिन शोध का स्तर कहीं दुष्प्रभावित हो रहा है। लेकिन सत्य स्थापन हेतु फिर भी शोध परमावश्यक है शोध का क्षेत्र व्यापक है और आज के भारत को सकारात्मक शोध की आवश्यकता है निम्न कारणों से शैक्षिक शोध की आवश्यकता है।
01 – ज्ञान परिमार्जन व विकास हेतु /For knowledge refinement and development
02 – उद्देश्य प्राप्ति का महत्त्वपूर्ण साधन / Important means of achieving the objective
03 – नवीन ज्ञान प्रसार हेतु / For spreading new knowledge
05 – अंतर्राष्ट्रीयता व सद्भावना हेतु /For internationalism and goodwill
06 – उद्देश्य प्राप्ति का व्यवहारिक साधन / Practical means of achieving the objective
07 – ज्ञान पिपासा पूर्ति का प्रमुख साधन / The main means of satisfying the thirst for knowledge
08 – कुशल प्रशासन हेतु / For Efficient administration
09 – अध्यापन की प्राण ऊर्जा स्थायित्व हेतु /For the stability of the life energy of teaching
10 – वैश्विक प्रगति के साथ सामञ्जस्य / Keeping pace with global progress.
11 – विश्वबन्धुत्व की भावना के विकास हेतु /For the development of the feeling of universal brotherhood
सच मानो तो आज सत्य शोधक समाज की आवश्यकता है लेकिन भौतिकता की अन्धी दौड़ ने हमारी सोच पर आवरण चढ़ा दिया है जिससे सत्य की वास्तविक अनुभूति नहीं हो पा रही है। आशा की किरण आने वाले कल में सच्चा शोध ही हो सकता है।