शिक्षा में निष्पादन कलाएं

आज यदि हमें प्राकृतिक सौन्दर्य प्रभावित करता है, पसन्द आता है तो इनके प्रतिरूप भी भाते हैं। वर्तमान काल खण्ड दृश्य कला, श्रव्य कला और इनके समन्वित रूप अर्थात श्रव्य दृश्य कला से प्रभावित है। आज अभिव्यक्ति की आज़ादी के नाम पर बहुत कुछ सकारात्मक व नकारात्मक परोसा जाता है। जो लोग यह अभिव्यक्तियाँ देते हैं उन्हें कलाकार कहा जाता है। गायक, सङ्गीतकार, विदूषक, नायिका, नायक, नर्तक, जादूगर, सर्कस में रिंग मास्टर और नाटक कार सभी अपनी कलाओं का प्रदर्शन करते हैं अर्थात अपनी कलाओं का निष्पादन करते हैं। इस कला को हम निष्पादन कला (Performing Art ) कहते हैं।

निष्पादन कला से आशय व परिभाषाएं / Meaning and Definitions of Performing Arts –

वास्तव में निष्पादन कला उस कला को कहा जाता है जिसमें कलाकार अपने शरीर मुख मंडल आवाज तथा भाव भंगिमाओं का प्रयोग करके दर्शकों के समक्ष सीधे अपनी कला का प्रदर्शन करता है। इसमें पार्श्व में कार्य कर रहे कलाकारों को शामिल किये बिना काम नहीं चल सकता क्यों कि वे भी निष्पादन कर रहे हैं और दिखाई देने वाला कलाकार भी उससे ताल मेल बैठाता है।  सम्बन्ध में विकिपीडिआ का मानना है कि –

” निष्पादन कला में पाँच मूल अवयव शामिल हैं कलाकार की उपस्थिति, समय, स्थान, शरीर और कलाकार और जनता के बीच सम्बन्ध।”

“Performance art comprises five fundamental elements: the artist’s presence, time, space, the body and the relationship between the artist and the audience.”

बिहार के लोक सेवा आयोग हेतु प्रयुक्त दृष्टि IAS की पुस्तक कला एवं संस्कृति के पृष्ठ 8 पर निष्पादन कला के सम्बन्ध में बताया गया –

“कला का वह रूप जो मुख्यतः दृश्य प्रकृति का होता है जैसे वास्तु कला, मूर्ती कला, चित्र कला, फोटो ग्राफी,वीडिओ ग्राफी इत्यादि।”

“That form of art which is primarily visual in nature—such as architecture, sculpture, painting, photography, Videography, etc.”

वर्तमान में हमें इसके विविध रूप परिलक्षित होते हैं।

निष्पादन कला के विविध प्रकार / Various forms of performing arts –

01 – नृत्य / Dance   

02 – रंग मंच / Theatre       

03 – जादू / Magic

04 – कठपुतली का खेल / Puppet Play

05 – गीत – सङ्गीत / Song Music

06 – नाटक / Drama

07 – सर्कस / Circus

08 – भाषण / Speech

09 – पार्श्व प्रस्तुति व प्रस्तुति / Background presentation and presentation

निष्पादन कला प्रबन्धन हेतु प्रमुख तत्व / Key Elements of Performing Arts Management –

01 – आत्मविश्वास व निष्ठा / Self-confidence and Dedication

02 – विद्युत व्यवस्था / Electrical System

03 – टीम की दक्षता / Team Efficiency

04 – व्यवधान निवृत्ति व्यवस्था / System for Handling Disruptions

05 – मेक अप कक्ष व ड्रेसिंग कक्ष की उत्तम व्यवस्था / Excellent arrangements for make-up and dressing rooms

06 – सम्यक परिधान / Appropriate attire

07 – तत्सम्बन्धी विविध कार्यों में सम्यक तालमेल / Proper coordination of related tasks

08 – समय प्रबन्धन / Time management

            सचमुच इस कला में असीम शक्ति छिपी है यह हँसते को रुला सकती है और रोते हुए को हंसा सकती है। प्रेरणा के सारे पायदान इसके माध्यम से चढ़े जा सकते हैं। अध्यापन कला या भाषण भी निष्पादन कला ही है।

Share: