मानसिक स्वास्थय के लक्षण व महत्त्व
01 – Symptoms of good and poor mental health /अच्छे व खराब मानसिक स्वास्थय के लक्षण
[A ] – अच्छे मानसिक स्वास्थय के लक्षण / Symptoms of good mental health
[B ] – खराब मानसिक स्वास्थय के लक्षण / Symptoms of poor mental health
02 – मानसिक स्वास्थय का महत्त्व / The Importance of Mental Health
जिस प्रकार शरीर में कोई विकार आने से पहले कुछ संकेत मिलने लगते हैं, अलग अलग विकारों यथा हृदयाघात, क्षय, ज्वर, पथरी आदि के पृथक पृथक लक्षण दिखाई पड़ते हैं। इसी तरह अच्छे व बुरे मानसिक स्वास्थय के भी कुछ लक्षण हैं जिन्हे हम इस प्रकार विवेचित कर सकते हैं।
01 – Symptoms of good and poor mental health /अच्छे व खराब मानसिक स्वास्थय के लक्षण
अध्ययन की सुविधा के दृष्टिकोण से एक एक करके इनका अध्ययन उचित रहेगा अतः इन दोनों पर अलग अलग शीर्षक के तहत विचार प्रगटन का प्रयास करता हूँ।
[A ] – अच्छे मानसिक स्वास्थय के लक्षण / Symptoms of good mental health
01 – कार्य चयन व सम्पादन / work selection and editing
02 – सामाजिक सामंजस्य / Social Harmony
03 – लोच पूर्णता / Elasticity perfection
04 – स्वतन्त्र व सम्यक चिन्तन / Free and fair thinking
05 – सांवेगिक परिपक्वता / Emotional Maturity
06 – चिन्तन का यथार्थ तार्किक आधार / The Realistic Logical Basis of thinking
07 – दायित्व के प्रति समर्पण / Dedication to Responsibility
08 – विषम स्थिति से सम्यक तालमेल / Proper adjustment to adverse situations
09 – आत्म विश्वास से युक्त / Self-confident
10 – स्वस्थ आदत व रुचियाँ / Healthy habits and interests
11 – सम्यक जीवन आदर्श व जीवन दर्शन / Proper Ideals and Philosophy of Life
12 – आशावादिता व प्रगति शीलता / Optimism and progressiveness
[B ] – खराब मानसिक स्वास्थय के लक्षण / Symptoms of poor mental health
01 – काल्पनिक दुनिया में विचरण / Wandering in a fantasy world
02 – सांवेगिक अपरिपक्वता / Emotional immaturity
03 – आत्म हीनता व नकारात्मक दृष्टिकोण / self inferiority and negative attitude
04 – सामञ्जस्य बिठाने में असफल / Fail to accommodate
05 – अपराध व हीन भावना से ग्रस्त / Plagued by guilt and a sense of inferiority
06 – शंकालु व असुरक्षा भाव से ग्रस्त / Suspicious and plagued by a sense of insecurity
07 – सभी के प्रति मिथ्या दृष्टिकोण / A distorted view of everyone
08 – स्वयं पर अविश्वास/ Lack of self-belief
09 – धैर्य व सहनशीलता का अभाव / Lack of patience and tolerance
10 – कुण्ठा, तनाव, निराशा व अवसाद युक्त / Characterized by frustration, stress, hopelessness, and depression
11 – उद्देश्य हीनता / Aimlessness
02 – मानसिक स्वास्थय का महत्त्व / The Importance of Mental Health
आज कहीं भी मानव अपने आपको सुरक्षित नहीं महसूस करता। कहीं डांस करते हुए, कहीं व्यायाम करते हुए, कहीं भाषण देते समय, कहीं कोई कार्य सम्पन्न करते हुए विविध आयु वर्ग के लोग काल कवलित हो जा रहे हैं। यह शारीरिक स्वास्थय में आए विकार के कारण होता है। मानसिक स्वास्थय में विकार आने पर कभी कभी स्थिति इतनी जटिल हो जाती है कि शरीर अपनी क्षमता और उस पर विश्वास खो बैठता है। मानव जीवन को सुखमय व आनन्द युक्त करने हेतु मानसिक स्वास्थय परम आवश्यक है। इसके महत्त्व को निम्न बिन्दुओं के आधार पर विवेचित किया जा सकता है।
01 – सांवेगिक विकास में सहायक / Aids in emotional development
02 – व्यक्तित्त्व उन्नयन में सहायक / Aids in personality enhancement
03 – शारीरिक स्वास्थय उन्नयन में सहायक / Aids in improving physical health
04 – सामाजिक विकास उन्नयन / Social Development and Advancement
05 – सम्यक सामाजिक विकास / Proper social development
06 – नैतिक सबलता / Moral strength
07 – कलात्मक विकास / artistic development
08 – सम्यक सामञ्जस्य क्षमता अभिवृद्धि / Enhancement of Capacity for Proper Harmony
09 – जीवन के अभीप्सित की प्राप्ति / Attainment of life’s cherished goals
10 – सकारात्मक वातावरण का सृजन / Creation of a positive environment
11 – ज्ञानात्मक विकास / Cognitive Development
12 – आशातीत प्रगति / Remarkable Progress
वास्तव में मानसिक स्वास्थय वह आधार है जो प्रगति की रूपरेखा को पुष्पित पल्लवित करता है। लक्षण जब खराब मानसिक स्वास्थय के उभरने लगें तो हमें तुरन्त जागरूक व चौकन्ना रहते हुए अपनी भूमिका निर्वाहित करनी ही होगी जब सम्पूर्ण सामाजिक परिवेश में सकारात्मक परिवर्तन दिखाई पड़ेगा तभी भारत 2047 तक विकसित हो सकेगा। असल में अच्छा मानसिक स्वास्थय और राष्ट्रीय उन्नयन एक ही सिक्के के दो पहलू हैं।

