पब्लिश्ड बुक और अनपब्लिश्ड बुक
आजकल आप एक शोर लगातार पब्लिश्ड बुक और अनपब्लिश्ड बुक के बारे में सुन रहे होंगे। राहुल गांधी के साथ अनपब्लिशड बुक (अप्रकाशित पुस्तक ) व निशिकान्त दुबे की पब्लिश्ड बुक (प्रकाशित पुस्तक ) के चक्कर में जो भी हंगामा हुआ। वह हर समाचार सुनने वाले के कान में गूँजता ही होगा। आज हम इस विषय वस्तु पर ही अपने को केन्द्रित करते हैं। आज का विषय पब्लिश्ड बुक और अनपब्लिश्ड बुक के बारे में विवेचन करना है ।
अन पब्लिश्ड बुक (अप्रकाशित पुस्तक) की विशेषताएं
01 – मूल पाण्डुलिपि स्तर / Original Manuscript Levels
02 – विश्वसनीयता सन्दिग्ध / Questionable Authenticity
03 – प्रक्रियाधीन व आंशिक पूर्णता / In Process and Partially Completed
04 – गोपनीय / Confidential
05 – स्वीकृत व अस्वीकृत स्तर प्रकाशक पर निर्भर / Accepted or Rejected (Dependent on Publisher)
06 – सीमित दायरा /limited scope
07 – शब्दों की कच्ची मूर्ति / Raw sculpture of words
08 – परिवर्तन की बहुत सम्भावना / Great possibility of change
09 – कल्पना प्राबल्य / Imagination prevails
10 – प्रकाशन की चाहत / Desire to publish
पब्लिश्ड बुक (प्रकाशित पुस्तक) की विशेषताएं –
01 – अन्तर्राष्ट्र्रीय मानक पुस्तक संख्या / ISBN (INTERNATIONAL STANDERD BOOK NUMBER)
02 – बौद्धिक सम्पदा व कॉपी राइट / Intellectual Property and Copyright
03 – विशेषज्ञों द्वारा प्रूफ रीडिंग / Proofreading by Experts
04 – भाषा शैली का गहन निरीक्षण / In-depth Inspection of Language Style
05 – व्यवस्थित व्यस्थापन / Systematic Arrangement
06 – सम्यक मिश्रण (मार्जिन, फुटर, हैडर, सम्यक फॉण्ट) / Proper mix (margins, footers, headers, appropriate fonts)
07 – व्यापक परिक्षेत्र / Broad Scope
08 – क्रमबद्धता / Serialization
09 – कवर डिजाइनिंग / Cover Designing
10 – बिकाऊ उत्पाद / Merchandise
उक्त सम्पूर्ण विवेचन यह स्पष्ट करता है कि अप्रकाशन से प्रकाशन का सफर एक लेखक की जिन्दगी में बहुत ऊहापोह से भरा होता है। ऐसा लगता है जैसी कल्पना यथार्थ के धरातल पर उतर आई हो। यथार्थ अवलम्बित रचनाएं कुछ मसाला लपेटकर पाठकों को अलग आनन्द प्रदान करती हैं। कुछ रचनाएं बाजार को ध्यान में रखकर लिखी जाती हैं और कुछ लेखक के मन की झांकी हुआ करती हैं।

